एक लड़की है जय श्री
थोड़ी है निडर, थोड़ी है डरी
है सुंदर,कुशल,सुशील वो
है थोड़ी डामा डोल भी वो।।
जिंदगी उसकी खास है
अलग ही उसके एहसास है
है सुंदर भी है भोली भी
थोड़ी है बड़बोली भी।।
कुछ खोने से है डरती भी
कुछ यूं ही पल पल मरती भी
कुछ पाना भी है चाहती
कुछ कर दिखाना भी है चाहती
जग के गमन अंधेरे से
खुल के जीऩा है चाहती।।
है खौफ उसको परिवार का
है लज्जा उसको प्यारी भी
कैसा होगा कल उसका
यह सोचने की है बिमारी भी।।
कुछ करने की है चाहत भी
कुछ थोड़ी है खिलखिलाहट भी
क्या यह जो किया वो सही किया
है थोड़ी उसमे आहट भी।।
फैसले लेना भी जानती है
पर फिर भी कुछ परेशान सी है
उसे कल की आशा है बेहतर
पर फिर भी कुछ हैरान सी है ।
हो पूरा उसका हर सपना
यही बात "परम" है कहता है
है उसकी दुविधा मे साथ सदा
हर पल हर वक्त कोई रहता है।।
॥परम॥
Thanku #Jaysheree behna
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